Posts

Showing posts from August, 2008

सिने मायावी आई. एम. कुन्नू

Image
राजेंद्र बोड़ा राजस्थान की प्रतिभाओं ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है, अपनी धाक जमाई है और कीर्तिमान कायम किए हैं. मगर हमें उनका मोल करना नहीं आता. शासन और समाज दोनों इस प्रदेश की अपनी कई विभूतियों से विरक्त नज़र आते है. लगता है उन्हें अपने ही गुणीजनों की पहचान नहीं है या जानकारी नहीं है. ऐसी ही एक शक्सियत है आई. एम. कुन्नू जो अपने फन के माहिर है मगर उनको उनके घर-प्रदेश के लोग ही नहीं जानते. टोंक के निवासी कुन्नू ने साठ सालों तक मुंबई में इतनी हिन्दी, गुजरती और राजस्थानी फिल्मों का संपादन किया है कि उनका नाम शीघ्र ही गिनीज बुक आव रेकॉर्ड्स में शामिल होने वाला है. मुंबई की फ़िल्म एडिटर्स असोसिएशन अपने इस पूर्व अध्यक्ष के काम की सारी जानकारी एकत्र कर फ़िल्म एडिटिंग का विश्व कीर्तिमान उनके नाम कराने का उद्यम कर रही है. कुन्नू विश्व के एकमात्र ऐसे फ़िल्म संपादक हैं जिन्होंने पाँच सौ से अधिक फिल्मों को अपने संपादन से संवारा. इनमें आठ विदेशी फिल्में भी शामिल है. अपनी उम्र के अन्तिम पड़ाव में कुन्नू जिन्हें फिल्मी दुनिया में सभी लोग इज्ज़त और प्यार से 'दादा' कहते हैं अब फिल्म